बेटी बचाओ बेटी पढाओ पर निबन्ध (नारे, स्लोगन, भाषण) in Hindi (Free PDF)

क्या आप बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के बारे में जानते हैं?

क्या आप बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान पर निबंध लिखना चाहते हैं?

अगर हाँ, तो आइए जानते हैं बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना क्या है और जानते हैं इस योजना की सफल कहानी, और इस अभियान की उद्देश्य को|

हमारे देश भारत अपनी संस्कृति और नेक विचारों के कारण पूरा विश्व में प्रसिद्द है| हमारे देश अपनी शान्तिप्रिय को बनाये रखने के आदत के कारण काफी जाना जाता है|

ऐसी नेक विचारों और सांस्कृतिक माहौल को बनाए रखने के बावजूद , न जाने हमारे देश में कुछ ऐसी बुरी सोच कैसे पनप रही है| जी हाँ, हम बात कर रहे हें, हमारे देश में लड़कियों के साथ होते अन्याय के बारे में | आज भी देश में कन्या भ्रूण हत्या को काफी मात्रा में अंजाम दिया जा रहा है|

यूँ तो हम हर दिन अपने आप को तरक्की की और बढ़ते पा रहे हें| लेकिन जब बात हमारी समाज की बेटियों की होती है, तो न जाने हमारे समाज और उसके ऊँचे सोच पालने वालों को क्या हो जाता है |

बस ऐसी ही हैरत और शर्मनाक समस्याओं को जड़ से मिटाने के लिए हमारे देश की मानन्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ नामक एक योजना की शुरुवात करी| इस योजना या अभियान का मूल उद्देश्य देश की बेटियों को अपना जन्म सिद्ध अधिकार दिलाना और उन्हें पढ़ लिख कर कुछ कर दिखाने की मौका देना है|

तो आइए जानते हैं की “बेटी बचाओ बेटी पढाओ”अभियान क्या है और इसके उद्देश्य, सफल कहानी और प्रयासों के बारे में|

नीचे हमने आपके लिए “बेटी बचाओ बेटी पढाओ” पर निबंध भी तैयार किया है जो की स्कूल की बच्चे निबंध के रूप मेंज्यों का त्यों भी लिख सकते हैं|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान पर निबंध in Hindi: Hindi essay on “Beti Bachao Beti padhaao” Mission:

हमारे समाज में दो प्रजाति के इंसान रहते हैं- लड़का और लड़की| लेकिन आज तक हमारा समाज या कहें सोसाइटी इस बात को स्वीकार नहीं कर पाया है की इनमे कोई अंतर नहीं करना चाहिए|

कहने को तो हम दोनों को एक ही मानते हैं लेकिन क्या ये वाकई ऐसा है| हम और आप सुबह उठते ही अखबार पे न जाने कितने ऐसी खबर पढ़ते हैं जहां न जाने लड़कियों को लड़की होने के गुनाह की सजा दिया जाता है|

लेकिन क्या हमने कभी खुद से ये पुछा है की क्या लड़की होना गुनाह है? आखिर न जाने हम इस बात को हजम क्यूँ नहीं कर पाते की हम ऐसी सोच पाल के खुद को और पिछले युग का हिस्सा बनाते हैं|

हम अपनी जिंदगी में न जाने कितने भाषण, किताबों या कहें टी.वी पे ये कहते देखा या सूना होगा की लड़का लड़की एक समान हैं| इनमे अंतर करने वाले हम ही हैं| लेकिन आज तक हम इस सोच को पूरी तरह लागू करने में असफल हैं|

यूँ तो हम अपने आप को 21वी शदी की कहते हैं| अपने सोच और आविष्कारों की बड़ी बड़ी बातें करते हैं| युद्ध की क्षेत्र हो या वैज्ञानिक आविष्कारों की, हमने अपने देश को हर मुकाम पे सफलता की और आगे बढ़ाया है|

फिर न जाने हमारी ये मॉडर्न सोच और समझ कहाँ चुक जाती है की हम अपने ही समाज में लड्कियों की ईज्ज़त करना भूल जाते हैं और कन्या भ्रूण हत्या (पढ़ें कन्या भ्रूण हत्या पर निबंध हिंदी में) जैसी घोर अपराध को पनपने देते हैं|

हम समाज वाले भी बड़ी ही चालाकी से मंदिरों में देवियों की पूजा करते हैं और घर पे उन पर अत्याचार| क्या इन सब शर्मनाक हरकतों से हम अपने देश और आने वाले पीढ़िओं को कुछ साबित करने की सोच रहे हैं?

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आए दिन हमें कन्या भ्रूण हत्या, लड़कियों पर शारीरिक और मानसिक अत्याचार, दहेज प्रथा (पढ़ें दहेज प्रथा पर निबंध हिन्दी में), जैसी अपराधिक खबर देखने और सुनने को मिल रहे हैं| क्या यही सब कुछ है जो हम अपने आने वाले पीढ़िओं को सिखाना चाहते हैं|

आज हमारे देश की सरकार भी बेटियों को बचाने और उनके अच्छे भविष्य के लिए तरह तरह के कदम उठा रही है| बेटियों की अच्छी परवरिश के लिए नए कानूनी नियम भी लागू किये जा रहे हैं और कुछ पुराने नियमों पर जरुरत अनुसार बदलाव भी लाया जा रहा है|

ऐसे ही सरकार की कुछ अहम् पहलों में से ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान’ भी एक है| तो आइए जानते हैं की बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान क्या है और इसकी फायदा क्या क्या है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ पर निबंध हिंदी
बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान पर हिंदी निबंध

 

बेटी बचाओ बेटी पढाओ पर हिंदी निबंध (250-300) शब्द में:

निचे नीले रंग में ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना’ पर हिंदी निबंध है जिसे स्कूल के बच्चे सीधा अपने निबंध में लिख सकते हें| ये निबंध का उपयोग हर कक्षा के बच्चे कर सकते हें|

“बेटी बचाओ बेटी पढाओ” अभियान देश की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा 22 जनवरी 2015 को पानीपत, हरयाणा में शुरू किया गया था| इस योजना के मूल उद्देश्य देश में बढती लिंग असमानता को रोकना है| इस अभियान की आरम्भ समारोह में श्री मोदी जी ने देशवासियों से कहा था की “हम भारतीयों को घर में कन्या की जन्म को एक उत्सव की तरह मनाना चाहिए| हमें अपने बच्चियों पर गर्व करना चाहिए|”

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के अंतर्गत हर लड़की को सामान अधिकार मिलना चाहिए| हर लड़की को शिक्षित हो कर अपने सपनों को पूरा करने का अधिकार देना चाहिए| हमें कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों के जाल में न फस कर बेटियों की बेटों के मुताबिक़ गिरती संख्या को करार जवाब देना चाहिए|

आज पूरा देश में लड़कियों की संख्या लड़कों के मुताबिक़ काफी कम है जो की आगे चल के देश के लिए एक संकट हो सकता है|

हमें बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना से ये सीखना चाहिए की हमें लड़कियों की इज्ज़त कर उन्हें उनका हक देने में नहीं हिचकिचाना चाहिए| और कन्या हत्या का विरोध कर पूरा विश्व में अपने देश की मिशाल देंना चाहिए|

इस योजना को  देश भर में काफी उत्साह से स्वीकार किया गया था| लेकिन इसके उपयोग की पालिसी में कमी के कारण ये कई बार असफल होते हुए भी पाया गया|

इस योजना को अपनी मकसद तक पहुंचाने का काम तभी सफल होगा जब हम अपने सोच में बदलाव लायेंगे| हम सब को कन्या भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा जैसी जुर्म का सामना कर लड़कियों पर बढ़ते जुर्म को रोकना होगा| हमें ये बात मन में बिठा लेना है की लड़का लड़की एक सामान हैं | 

ये अभियान की हम सब को आदर करना चाहिए| तो आइए इस नेक मिशन का हिस्सा बन अपने देश को सच में तरक्की दिलाएं|

धन्यवाद!!!

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान क्या है? What is ‘Beti Bachaao Beti Padhaao’ Mission?

‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान हमारे देश की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा शुरू किया गया वह अभियान है जो की देश की बेटियों की सुरक्षा और हित के लिए उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है| बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान को मोदी जी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत हरयाना में शुरू किया था जिस की पुरे देश भर में काफी पसंद और तारीफ़ किया गया था|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना देश की बेटियों की आने वाले जिंदगी को सुधारने वाली मुहीम और हमारे देश की भविष्य लिखने वाली अहम् कलम है जो की आने वाले पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण लाएगा| बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन का उद्देश्य समाज में लिंग संतुलन को बरकरार रखना है|

इस अभियान को समाज के हर वर्ग के लोगों द्वारा काफि प्रोत्साहन मिला |
हम आए दिन लड़कियों पर अत्याचार होते देखा और सुना है, जिसे रोकने के लिए सरकार की ये कदम काफी प्रशंसन्य है|

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हमारे समाज और आस पास में ऐसे कई घर या परिवार हैं जहां लड़कियों को लड़कों के बराबर नहीं माना जाता, उन्हें लड़कों जैसा लाड प्यार नहीं मिलता| लड़कियों को परिवार में वह दर्जा नहीं मिलती जिनकी वह असल में हक़दार हैं|

लड़कियों को परिवार की निर्णयों या फैसलों पर अपनी पक्ष रखने तक का भी अधिकार नहीं दिया जाता| उन्हें हर चीज से कट के रखा जाता है| या कहें कई घरों में लडकियां केवल एक वस्तु के तरह ही होते हैं जिनहें स्नेह भावना,प्यार और ममता बस एक सपना सा है|

हमारे समाज में ऐसे बहोत सी परिवारें हैं जहां ये दक्कियानुसी सोच पाला जाता है की लड़कियों और पढाई की कोशों कोशों दूर तक कोई तालुक नहीं है| लड़कियों को बहोत कम या कहें ना के बराबर पढाई की इजाजत होती है| बेटियों को पढने या उनके सपने पूरे करने का मौकातक भी नहीं दिया जाता है|

लगातार सामाजिक जागरूकता और सरकारी सचेतनो के बावजूद इन लोगों पर कोई असर पड़ते नहीं दिख रहा है|
समाज की इसी मनोभाव को सुधारने के लिया सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढाओ नाम की मिशन की शुरुवात करी है|

बेटियों को अपने अधिकार दिलाना और उन्हें पढ़ा लिखा कर अपने सपनो को पूरा करने की मौका देना ही बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन की मूल उद्देश्य है| इस मुहीम की उद्देश्य लड़कियों को हर क्षेत्र में अपने आप को साबित करने का मौका देना है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की उद्देश्य क्या है? Objectives of ‘Beti Bachao Beti Padhao’ Mission:

सरकार द्वारा आरम्भ किया गया बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन की मूल उद्देश्य समाज में पनपती लिंग असंतुलन को नियंत्रण करना है| हमारे समाज में बढती कन्या भ्रूण हत्या के संख्या सच में चौंकाने वाले हैं जो कि आगे चल के देश की भविष्य के लिए चिंताजनक है|

इस अभियान में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अवाज उठाई गयी है| हमारे घर की बहु बेटियों के साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ एक हल्ला बोल है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की उद्देश्य समाज में लड़कियों को सामान अधिकार दिलाना है|

आज हमारे समाज में लड़कियों के साथ कई प्रकार की अन्याय किया जा रहा है, जिनमे से दहेज प्रथा भी एक है| इन अपराधों के खिलाफ सरकार की इस योजना की काफी हद तक लढाई है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की उद्देश्य महिला शसक्तीकरण है और ये महिलाओं की हक के लिए आवाज बुलंद करने का एक जरिया है|

एक तो हमारे समाज में लड़कियों को कन्या भ्रूण हत्या का सामना करना पड़ता है| और अगर कोई लड़की जन्म ले भी ले, तो उसको जन्म के बाद कई सारि सामाजिक अत्याचारों का सामना करना पड़ता है| जैसे की, लड़कियों को सिक्षा प्राप्त करने से बंचित रखना, उन्हें समाज में अपना सही अधिकार के लिए लढना आदि|

इन सारि अत्याचारों को मात देने में बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान कई हद्द तक सफल रहा है| इस मिशन की एक मात्र उद्देश्य है की हमारे समाज के बेटियों को उनका हक दिलाना और उन्हें अपनी जिंदगी जीने की छूट देना|

देश में लगातार कन्या भ्रूण हत्या जैसी अपराधों के कारण गिरती फीमेल सेक्स रेश्यो (Female Sex Ratio) को सुधारना ही बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान ही मूल उद्देश्य है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन की मूल उद्देश्य क्या है?

बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन के माध्यम से लड़का लड़की में अंतर करने की सोच को रोका जा सकता है

आज कल समाज के लगभग हर परिवार में लड़का लड़की में कहीं न कहीं अंतर किया जा रहा है| इसमें गलती हमारी खुद की सोच की है| कई परिवारों में लड़कियों को लड़कों जैसी दर्जा नहीं मिलती| उन्हें कुछ करने की आजादी नहीं होती| बेटी बचाओ बेटी पढाओ की मिशन के माध्यम से हम लड़कियों पर होती अन्याय को कुछ हद तक रोक सकते हैं|

लिंग जांच की प्रक्रिया में रोक लाया जा सकता है

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान को सख्ती से अभ्यास करने से हम लिंग जांच जैसी गैर कानूनी काम को रोक सकते हैं|आज लिंग जांच की प्रक्रिया के कारण न जाने कितने ही कन्या भ्रूण हत्या के मामले को अंजाम दिया जाता है|

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और इसी कारण हमारे समाज में लड़कियों की संख्या लगातार गिर रहा है, जो की आगे चल के हमारे समाज के लिए काफी चिंताजनक है| बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की उद्देश्य लिंग जांच की तकनीक पर रोक लगाना है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की उद्देश्य लड़कियों को सुरक्षा और जीने की आज़ादी देना है

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान के माध्यम से हमारे समाज की लड़कियों के लिए एक सुरक्षित माहौल पैदा किया जा सकता है| लड़कियों को खुली जिंदगी जीने की मौका मिल सकता है| समाज की लड़का लड़की के सोच पर लगाम लगाया जा सकता है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान से समाज को शिक्षित किया जा सकता है

बेटियों को पढ़ा लिखा कर हम अपने समाज की प्रगति को गति दे सकते हैं| हम अपने बेटियों को पढ़ लिख कर उनके सपने हासिल करने की मौका दे सकते हैं जो की हमारे समाज में आगे चल कर कन्या भ्रूण हत्या या दहेज प्रथा को “ना “कहने की हिम्मत देता है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ समाज में लड़कियों को अपना अधिकार दिलाने में मददगार है

हमारे समाज में लड़कियों को कई बार उनके अधिकार से बंचित रखा जाता है| अधिकार अपने जिंदगी को जीने से| इस मिशन से लड़कियों को जीने और ऊँची सिक्षा प्राप्त करने में काफी मदद मिल रहा है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान पर आलोचना:

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान हमारे देश की प्रधानमन्त्री की एक मुख्य अभियान है| यूँ कहें भारत की ये सपना है की बेटियों को उनकी हक उन्हें देना है और एक स्वस्थ समाज की निर्माण करना चाहिए| लेकिन रिपोर्ट की मानें तो बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान पर मंजूर राशि से करीब 90% पैसा आज भी काम पर लगाया नहीं गया है|

पार्लियामेंट्री पैनल की एक रिपोर्ट के अनुसार मंजूर किये गए करीब 43 करोड़ रुपयों में से सिर्फ 5 करोड़ रुपया ही आज तक इस अभियान में लगाया गया है| इस रिपोर्ट से सरकार को मीडिया और ख़बरों से काफी समालोचित किया गया|

क्यूँ बार बार फ़ैल होती रही ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान? Why ‘Beti Bachao Beti Padhao’ scheme failed several times?

ये सच है की बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान एक नेक मकसद से शुरू की गयी थी| लेकिन देश की CAG रिपोर्ट की माने तोह ये मिशन को कई बार मुह के बल पर पड़ते देखा गया है|

बेटी बचा बेटी पढाओ अभियान की असफलता के कई कारण हें जैसे की, आयोजित फंड्स की उपयोग करने में विफलता, मैनेजमेंट पालिसी में कमी आदि|

भारत सरकार की इस मुहीम के पीछे मूल उद्देश्य फीमेल सेक्स रेश्यो या कन्या संख्या में बढ़ोत्तरी को देखना था, जो की बदलते वक़्त के साथ और भी घटती नज़र आने लगी| हरयाणा और पंजाब जैसे राज्यों में कन्या संख्या (Female sex Ratio) पहले से और भी घटने लगी|

हालाकी, सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की ऑनलाइन साईट पर हमे इस मुहीम की कई सफलता की कहानियां पढने को मिल रहा है, लेकिन जो अवस्था आज हरियाणा और पंजाब में कन्या संख्या को ले के है, वह हम सब को इस अभियान की सफलता के बारे में दुबारा सोचने के लिए मजबूर कर रहा है|

हम बेटी बचाओ बेटी पढाओ मुहीम को सफल करने में क्या कर सकते हें?  Our Role in making BBBP Abhiyan Success:

बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान की शुरुवात में इस मुहीम को देश की हर बर्ग के लोगों ने स्वागत किया| लेकिन देश की कई ढीलापन के कारण आज ये अभियान अपनी उम्मीद के अनुसार काफी धीमी रफ़्तार से सफ़र कर रही है| जरुरत है हम और आप जैसे लोगों की जो ये अभियान को फिर से पटरी पर लायें और इसकी मूल उद्देश्य को पूरा करने में सहायक बनें|

आज समग्र विश्व में भारत लड़कियों की घटती संख्या को लेकर चर्चित है| जी हाँ, हमारे देश में सन 2011 की जन गणना के मुताबिक़ लड़कियों की संख्या 926 (सहरी इलाके में) और 947 (ग्रामीण ईलाकों में) प्रति 1000 लड़कों के तुलना में पा कर पूरा देश हैरान रह गया|

लेकिन ये इतनी भी बड़ी समस्या नहीं है जिसकी कोई हल ना हो| हम और आप मिल कर इस समस्या को आसानी से सुलझा सकते हें|इस अभियान को हम सब का साथ की काफी जरुरत है|

आइए हम और आप मिल कर इस मिशन को निस्वार्थ से पूरा होने में मदद करें और अपने ही समाज को एक सुरक्षित वातावरण में तब्दील करें|

धन्यवाद!!!

 

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