कल्पना चावला की जीवनी (Kalpana Chawala Life History, biography, Essay in Hindi)

क्पल्पना चावला की जीवनी
कपना चावला की जीवनी पर हिंदी निबंध

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अगर हाँ, तो आप सही जगह पर हैं| आइए कलपना चावला की प्रेरणादायक जीवन के बारे में विस्तार से जानते हैं |
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भारत की बेटी, कल्पना चावला ने अपनी बुलंद सोच के सहारे इस देश को अपने ऊपर गर्व करने का एक दृढ़ मौका दिया है|

आइए आप और हम इस साहसी और कुछ कर गुजरने की सोच रखने वाली महिला कल्पना चावला के बारे में विस्तार से जानते हैं|

कल्पना चावला की प्रेरणादायक जीवनी पर निबंध in Hindi: (Kalpana Chawla Life History/ Biography Essay in Hindi)

इस भाग में हम कल्पना चावला की जीवनी के बारे में जानेंगे और उनकी साहसी जीवन यात्रा से कुछ सीख लेंगे|

कल्पना चावला की प्रारंभिक जीवन हिंदी में: Early Life of Kalpana Chawla in Hindi:

कल्पना चावला की जन्म करनाल, हरियाणा के एक हिन्दू परिवार में 17 मार्च, 1962 को हुआ था| वह अपने परिवार के चार भाई बहनों में सबसे छोटी थी| उनके पिताजी का नाम बनारसी लाल चावला और माता संजोयती चावला थी| कल्पना को बचपन मे उनके माता पिटा प्यार से “मोंटो” के नाम से बुलाते थे, जो की उनका उपनाम बन गया|
कल्पना बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थी और उनकी शौक बचपन से ही एक सफल इंजिनियर बनने की थी| कल्पना के पिताजी का मन था की वह एक चिकित्सक या शिक्षिका बने| पर कल्पना की अंतरिक्ष में जाने की और अंतरिक्ष के बारे में पढने की लगन को देख उनके माता और पिता ने भी उनकी इस विषय पर काफी मदद की| कल्पना चावला जी को बचपन से ही अपने खाली वक़्त में अंतरिक्ष और हवाई यान के चित्र बनाने का काफी शौक था|

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कल्पना चावला J.R.D. TATA से काफी प्रेरित थी जो की एक महान विमान चालाक और उद्द्योग्पति थे|

कल्पना चावला की छात्र जीवन: (Kalpana Chawla Education)

कल्पना चावला ने अपनी स्कूल की प्रारंभिक शिक्षा करनाल के टैगोर पब्लिक स्कूल में पूरी की| अपनी दशवी के बोर्ड परीक्षा के बाद उन्हें DAV कॉलेज में एडमिशन मिला| उनहोने अपनी आगे की शिक्षा पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से पूरी की| उस समय भारत में उच्च शिक्षा की  प्रयोजन की कमी के कारण 1982 में वह संयुक्त राष्ट्र अमेरिका चली गयी और वहाँ वह १९८४ को वैमानिक अभियांत्रिक में विज्ञानं निष्णात की उपाधि प्राप्त की| अन्तरिक्ष में अपनी उड़ान भरने की  उनमें एक नसा सी थी| अमेरिका में ही उन्होंने अपनी डॉक्टरेट की उपाधि को प्राप्त की थी| 

कल्पना चावला की कार्यकाल: (Kalpana Chawla Carrier)

डॉक्टरेट की उपाधि को प्राप्त करने के बाद कल्पना चावला को नासा की आमस रिसर्च सेंटर में जुड़ने का अवसर मिला| वहाँ पर उन्होंने V/STOL में CFD पर अनुसन्धान का काम किया|  कल्पना चावला मार्च 1995 को नासा के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुई|

कल्पना जी के पहला अंतरिक्ष मिशन : (Kalpana Chawla’s First Space Mission)

सन १९८६ में एक अन्य अंतरिक्ष विमान की दुर्घटना घटी जिसमे सारे अंतरिक्ष यात्री विमान यात्रा की आरम्भ से महज 73 सेकंड के बाद  अपने जान गवा दिए| ये खबर सारे विश्व के अंतरिक्ष यात्रियों को पूरी तरह हिला के रख दिया था| लेकिन इन सब के बावजूद कल्पना चावला की अटल विश्वास जरा सी भी नहीं डगमगाई| कल्पना की साहस उनको अपने सपनों को पुरा करने के लिए बार बार आवाज़ दे रहा था|

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कहा जाता है की कल्पना चावला को बचपन से ही चुनौतियों का सामना करने मे कभी डर नहीं लगता| और कल्पना जी सन 1988 में अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुनी गयी थी| उनका पहला अंतरिक्ष मिशन 2 मई, 1997 को छह अन्य अंतरिक्ष यात्रीयों के साथ अंतरिक्ष शटल कोलंबिया के साथ प्रारम्भ हुआ|

उन्होंने अपने इस पहले मिशन में 1.०४ करोड़ मिले की सफ़र तय करके पृथ्वी की २५२ परिक्रमाएं की और अंतरिक्ष में  ३७२ घंटे बिताईं थी| कल्पना अपने इस अंतरिक्ष यात्रा से काफी खुश थी| अपनी अंतरिक्ष सफ़र से लौटने के बाद वह कई दिनों तक अपने साथियों के साथ सिर्फ उसकी इस सफ़र मे हुई अनोखी कहानियों के बारे में ही बात करती थी| वह काफी खुश थी|

कल्पना जी के दूसरी अंतरिक्ष मिशन: (Kalpana Chawla’s Second Space Mission)

सन २००० में, कल्पना जी को दुसरे अंतरिक्ष अभियान के लिए चुना गया था| इस सफ़र में वह  STS- 107 की दल की हिस्सा बनी थीं| लेकिन इस मिशन में अंतरिक्ष यान में कुछ तकनिकी चुक के कारण लगातार देर हो रही थी|

चावला की दूसरी अंतरिक्ष मिशन ही उनकी जीवन की आखरी अंतरिक्ष मिशन साबित हुई| काफी विचार- विमर्श और तकनिकी जांच के बावजूद इस मिशन क लिए इस्वर को कुछ और ही मंजूर था| इस मिशन में चावला के दल ने अंतरिक्ष में लगभग ८० से ज्यादा परिक्षा कर सफल हुए थे| 

1 फरवरी २००३ को, इस अभियान में लौटते वक़्त अंतरिक्ष यान में तकनिकी चुक के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय एक भयंकर और अनचाहा घटणा ने स्थान लिया जो की पुरे विश्व को झकझोर के रख दिया| इस हादसे में कल्पना जी के साथ अन्य छह जण की पूरी दल का अचानक निधन हो गया| और देखते ही देखते पुरे विश्व ने सात मेहनती और सफल अंतरिक्ष यात्री को एक ही पल में खो दिया|

कल्पना चावला की अन्तिम जीवन यात्रा: 

कल्पना चावला जी और उनके दल की बाकी सदस्यों की अचानक मौत का खबर पुरे विश्व में आग की तरह फ़ैल गया| देश की सभी खबर स्रोत की  मुख्य खबर बन गया| पूरा देश सन्न रह गया| कल्पना चावला की अन्तिम क्रिया कर्म अनके इच्छानुसार उताह की नेशनल पार्क में किया गया|

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ये कभी भी भरपाई नो होने की हादसा आज भी हमारे आँखों को गिला कर दे रहा है|इन यात्रियों ने देश और समग्र विश्व के लिए ज्ञान की खोज में जो दीप जलायें हैं, वह आज भी हमें  अपनी ज्ञान की उजाला से आलोकित कर रहा है|

कल्पना चावला- एक प्रेरणा की मूर्ति: Kalpana Chawla- An Inspiration Model:

कल्पना चावला हमारे देश की उभरती युवा पीढ़ी  ख़ास कर लड़कियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं| उनकी कड़ी मेहनत और कामयाबी आज भी हमें आगे चलने और कभी न रुकने के लिए प्रेरित करती है|

हमारे देश भारत में जहां कई हिस्सों में लड़कियों को लड़कों के बराबर नहीं माना जाता है, और लड़का लड़की एक समान को एक  बहम सोचते हैं,  उन हिस्सों के लिए कल्पना चावला जी एक प्रेरणा मूल उदाहरण हैं की लडकियां अगर चाहें तो जमीन क साथ साथ अंतरिक्ष में भी अपना कदम की छाप छोड़ सकते हैं|

भारत और अमेरिका दोनों देश मे कल्पना चावला जी के नाम की कई पुरस्कार, संस्थाएं, विद्यालय व महाविद्यालय, छात्रवृति, सड़क आदि हैं जो आज भी हमें उनकी याद दिलाती है| 

कल्पना चावला की जीवनी से सीख: Learnings from Kalpana Chawala Life History:

कल्पना चावला एक मेहनती और साहस की प्रतिमा थी| उन्होंने अपनी कड़ी लगन ओर दृढ़ आत्मबल के कारण अंतरिक्ष मे भी अपना गहरा चाप छोड़ी है| पुरे विश्व में जब भी कोई अंतरिक्ष यान या अंतरिक्ष यात्रा के बारे में बात होती होगी, तो कल्पना चावला का नाम जरुर याद किया जा रहा होगा|

आज हमारे बीच न होते हुए भी वह हम सब को जिंदगी मे मेहनत और सपने देखने ओर उनका पूरा करने की कई सीख दे रही हैं| कल्पना चावला, ख़ास कर युवा पीढ़ी के लिए, एक बड़ी उदाहरण है|

हम सब को कल्पना चावला जी के जिंदगी से ये सीख लेनी चाहिए की जिन्दगी में जब मेहनत और सपने देखने की नज़र मिल जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है| हम सब मे कल्पना चावला जी के तरह अपने सपनों को पूरा करने का जोश होना चाहिए|

 

 

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